सर झुकाने से नमाज़ें अदा नहीं होती…!!!

सर झुकाने से नमाज़ें अदा नहीं होती…!!!
दिल झुकाना पड़ता है इबादत के लिए…!!!
पहले मैं होशियार था,
इसलिए दुनिया बदलने चला था,
आज मैं समझदार हूँ,
इसलिए खुद को बदल रहा हूँ।।