जिन्गदी नहीँ हमेँ दोस्तोँ से प्यारी,

जिन्गदी नहीँ हमेँ दोस्तोँ से प्यारी,
दोस्तोँ पे है हाज़र जान हमारी,
आँखोँ में हमारे आँसू हो तो क्याँ,
जान से भी प्यारी है मुस्कान तुम्हारी!