दिल किसी से तभी लगाना जब दिलों को पढ़ना सीख लो,

दिल किसी से तभी लगाना जब दिलों को पढ़ना सीख लो,
क्योंकी हर एक चेहरे की फितरत में वफ़ादारी नहीं होती