चाँद भी छुप जाता है उसके मुस्कुरने से

चाँद भी छुप जाता है उसके मुस्कुरने से,
दिन भी ढल जाता है उसके उदास हो जाने से,
क्यों वो नही समझ पाते हैं हाल ए दिल मेरा,
के जीना छोड़ देता है कोई उसके रूठ जाने से…