नवआशायें, नवकल्पन हो, रहे प्रज्जवलित मन का दीप

नवआशायें, नवकल्पन हो, रहे प्रज्जवलित मन का दीप
प्रण लें हम सब ये मिलकर व्यथित रहे ना कोई समीप…