चाह कर भी उसे अपना ना बना सके

चाह कर भी उसे अपना ना बना सके;
इश्क़ करके भी उन्हें ये जता ना सके;
दिल था हमारा कोई कागज़ का टुकड़ा नहीं;
इसीलिए चीर कर कभी दिखा न सके।