अजब सी बेकरारी है

अजब सी बेकरारी है;
दिन भी भारी था, रात भी भारी है;
अगर मेरा दिल तोड़ना है तो शौंक से तोड़िए;
क्योंकि चीज़ ये हमारी नहीं तुम्हारी है।